13 Consolidated, Contingency & Public Account)
📖 भारत सरकार के तीन मुख्य कोष
(Consolidated, Contingency & Public Account)
जैसा कि आपने कहा, सरकार के पास एक ही फंड नहीं होता, बल्कि उसका पूरा खाता-बही (Government Accounts) संविधान के तहत तीन मुख्य हिस्सों में बंटा होता है। Article 266 और 267 इसकी रीढ़ हैं। ये तीनों फंड नीचे दिए गए हैं:
- 1. भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) — सरकार का मुख्य खाता (जहाँ सबसे ज्यादा पैसा रहता है)
- 2. भारत की आकस्मिक निधि (Contingency Fund of India) — आपातकालीन खाता (अचानक खर्च के लिए)
- 3. लोक लेखा (Public Account of India) — जनता के पैसे वाला खाता (जमा/पेंशन फंड)
आइए, इन तीनों को विस्तार से समझते हैं:
1. भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India)
— "सरकार का बैंक खाता"यह सरकार का सबसे बड़ा और मुख्य खाता है। संविधान के अनुच्छेद 266(1) के तहत बनाया गया यह फंड सरकार की सारी कमाई और खर्च का हिसाब रखता है।
· इसमें क्या आता है (आय):
· टैक्स रेवेन्यू: जैसे आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, जीएसटी, सीमा शुल्क।
· नॉन-टैक्स रेवेन्यू: पब्लिक सेक्टर के मुनाफे से RBI को मिलने वाला डिविडेंड, लाइसेंस फीस, सरकारी सेवाओं का शुल्क।
· लोन और उधार: सरकार अगर कर्ज लेती है (जैसे ट्रेजरी बिल, सरकारी बॉन्ड), तो वह पैसा भी इसी फंड में आता है।
· क्या खर्च किया जाता है (व्यय):
सरकार का लगभग हर खर्च इसी फंड से किया जाता है — चाहे वह सैलरी हो, पेंशन हो, सब्सिडी हो या बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर खर्च।
🔑 सबसे जरूरी नियम: इस फंड से पैसा निकालने के लिए संसद की इजाजत लेना जरूरी है। वार्षिक बजट में "स्वीकृति विधेयक" (Appropriation Bill) पास करने के बाद ही यहां से पैसा निकाला जा सकता है।
2. भारत की आकस्मिक निधि (Contingency Fund of India)
— "इमरजेंसी बचत खाता"यह एक अस्थाई (Imprest) फंड है जिसे संविधान के अनुच्छेद 267 के तहत बनाया गया है।
· क्या है इसका काम:
इसका उपयोग अचानक आई किसी अप्रत्याशित घटना (जैसे प्राकृतिक आपदा, अचानक जरूरी खर्च) से निपटने के लिए किया जाता है।
· कोष: वर्तमान में इसकी सीमा ₹500 करोड़ है।
· कैसे काम करता है (Mechanism):
अगर तुरंत खर्च करना हो, तो राष्ट्रपति की अनुमति से इस फंड से पैसा निकाला जाता है। बाद में, जब संसद बजट पास करती है, तो इसमें खर्च की गई राशि को संचित निधि से वापस भर दिया जाता है।
3. लोक लेखा (Public Account of India)
— "जनता के नाम पर खाता"इस खाते का गठन अनुच्छेद 266(2) के तहत किया गया है।
· क्या है अंतर:
यहां का पैसा सरकार की अपनी कमाई नहीं होती, बल्कि यह सरकार के पास ट्रस्टी (Trustee) के रूप में रखा जाता है। सरकार को यह पैसा जनता को वापस लौटाना होता है।
· क्या-क्या आता है इसमें:
· भविष्य निधि (Provident Funds): कर्मचारियों का PF.
· छोटी बचत योजनाएं: पोस्ट ऑफिस में जमा पीपीएफ, एनएससी आदि।
· जमा और अग्रिम (Deposits & Advances): जैसे सिक्योरिटी डिपॉजिट।
🔑 खास बात: इस फंड से पैसा निकालने के लिए संसद की अनुमति की जरूरत नहीं होती, लेकिन निकासी नियम सरकारी नियमों के तहत ही होती है।
📊 तुलना सारांश (Confusion से बचने के लिए):
| फीचर | संचित निधि (CFI) | आकस्मिक निधि (Contingency Fund) | लोक लेखा (Public Account) |
|---|---|---|---|
| स्वामित्व | सरकार का अपना पैसा | सरकार का अपना पैसा (आपात कोष) | जनता का पैसा (ट्रस्ट में) |
| संवैधानिक आधार | अनुच्छेद 266(1) | अनुच्छेद 267 | अनुच्छेद 266(2) |
| निकासी के लिए अनुमति | संसद की अनिवार्य (Appropriation Bill) | राष्ट्रपति की (बाद में संसद से मंजूरी) | संसद की अनुमति की जरूरत नहीं (लेकिन नियम हैं) |
| मुख्य उदाहरण | आयकर, जीएसटी, लोन से प्राप्त राशि | कोरोना महामारी खर्च, प्राकृतिक आपदा राहत | पीएफ (EPF), एनएससी, पीपीएफ |
📈 प्रवाह आरेख (Flow of Funds):
graph TD
A[सरकार की कुल प्राप्तियाँ
(Receipts)] --> B{किस तरह की प्राप्ति?}
B -->|टैक्स, लोन, नॉन-टैक्स| C[**संचित निधि**
(Consolidated Fund)]
B -->|PF, Small Savings, Deposits| D[**लोक लेखा**
(Public Account)]
B -->|Corpus से भरा गया| E[**आकस्मिक निधि**
(Contingency Fund)]
C --> F[संसद की मंजूरी
→ खर्च]
D --> G[सरकार "ट्रस्टी" है
→ देयता (Liability)]
E --> H[राष्ट्रपति की अनुमति
→ बाद में CFI से वापस भरे]
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अगर आप इनमें से किसी एक विशेष फंड (जैसे राज्य का संचित निधि या लोक लेखा के प्रकार) के बारे में और अधिक जानकारी चाहते हैं, तो पूछ सकते हैं! 😊
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