13 वित्त आयोग के महत्वपूर्ण अध्यक्ष और उनके प्रमुख कार्य
📜 वित्त आयोग के महत्वपूर्ण अध्यक्ष और उनके प्रमुख कार्य
1. प्रथम वित्त आयोग – के.सी. नियोगी (K.C. Neogy) – 1951
2. चौदहवां वित्त आयोग – डॉ. वाई.वी. रेड्डी (Y.V. Reddy) – 2013-14
| योगदान | विवरण |
|---|---|
| राज्यों का हिस्सा बढ़ाकर 42% किया | पिछले 32% से 10% की ऐतिहासिक वृद्धि – अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि |
| विभाज्य पूल का विस्तार | सभी केंद्रीय करों को साझा करने की व्यवस्था को मजबूत किया |
| वित्तीय संघवाद को सशक्त बनाया | राज्यों को अधिक वित्तीय स्वायत्तता दी |
3. पंद्रहवां वित्त आयोग – एन.के. सिंह (N.K. Singh) – 2017
| योगदान | विवरण |
|---|---|
| राज्यों का हिस्सा 41% रखा | रेड्डी के 42% से थोड़ा कम किया |
| क्षैतिज वितरण में नए मानदंड | जनसांख्यिकीय प्रदर्शन (12.5%), वन क्षेत्र (10%), कर प्रयास (2.5%) जोड़े |
| 6-वर्षीय अवधि | पहली बार 6 साल के लिए सिफारिशें |
| राजस्व-घाटा अनुदान को घटाया | अगले आयोग के लिए शून्य करने की राह बनाई |
4. सोलहवां वित्त आयोग – डॉ. अरविंद पनगढ़िया – 2023 से वर्तमान
① राज्यों का हिस्सा (Vertical Devolution)
सिफारिश: 41% बरकरार – पिछले स्तर पर स्थिर रखा
② ऐतिहासिक बदलाव – क्षैतिज वितरण (Horizontal Devolution)
| मानदंड | भार |
|---|---|
| जनसंख्या (2011 जनगणना) | बढ़ाया गया |
| क्षेत्रफल | — |
| वन क्षेत्र | — |
| प्रति व्यक्ति आय दूरी | — |
| जीडीपी में योगदान (नया!) | 10% |
③ राजस्व घाटा अनुदान पूर्णतः समाप्त
यह बड़ा बदलाव है – पहले राज्यों के राजस्व घाटे को भरने के लिए अनुदान दिए जाते थे, जिससे सुधारों के लिए प्रोत्साहन कम होता था। पनगढ़िया ने इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया।
④ बैंकों के निजीकरण पर जोर
कथन: "मुख्य सुधार जिसकी हमें आवश्यकता है, वह बैंकों का निजीकरण है"
"हम NPA के दो चक्रों से गुजर चुके हैं... सरकार को इस चक्र से बाहर निकलना होगा"
⑤ आपदा प्रबंधन वित्तपोषण में सुधार
• कुल आपदा कोष: ₹2,04,401 करोड़
• हीटवेव और बिजली राष्ट्रीय आपदाओं की सूची में शामिल
• डिजिटल मॉनिटरिंग: NDIMS को रियल-टाइम प्लेटफॉर्म में बदलने की सिफारिश
⑥ राजकोषीय अनुशासन और सब्सिडी सुधार
• राज्यों का राजकोषीय घाटा GSDP का 3% सीमा
• केंद्र का राजकोषीय घाटा 2030-31 तक GDP का 3.5%
• ऑफ-बजट बोरोइंग पूरी तरह प्रतिबंधित
⑦ स्थानीय निकायों के लिए सुधार
• स्थानीय निकाय अनुदान ₹7,91,493 करोड़ (5 वर्ष)
• प्रदर्शन-लिंक्ड मूल + प्रदर्शन घटक में बांटा
• जीआईएस-आधारित संपत्ति कर प्रणाली कुशल संग्रह के लिए
📊 सारांश तालिका – महत्वपूर्ण अध्यक्ष और उनके योगदान
| अध्यक्ष | आयोग (वां) | प्रमुख योगदान |
|---|---|---|
| के.सी. नियोगी | प्रथम (1951) | पहली बार कर वितरण सूत्र, 5-वर्षीय चक्र की शुरुआत |
| वाई.वी. रेड्डी | 14वां (2015-20) | राज्यों का हिस्सा 32%→42%, सबसे बड़ी वृद्धि |
| एन.के. सिंह | 15वां (2020-26) | 41% हिस्सा, 6-वर्षीय अवधि, नए मानदंड |
| अरविंद पनगढ़िया | 16वां (2026-31) | जीडीपी योगदान मानदंड (+10%), राजस्व घाटा अनुदान समाप्त, बैंक निजीकरण पर जोर |
✅ ट्रिक (परीक्षा के लिए)
“पहले नियोगी, रेड्डी ने बढ़ाया 42%, सिंह ने 41 किया स्थिर, पनगढ़िया ने GDP और प्रदर्शन को दिया विस्तार”
“पनगढ़िया के तीन टी – Tax devolution 41% (टिका), Transfers reformed (घाटा अनुदान समाप्त), और GDP criterion जोड़ा (Track record को पुरस्कृत)” 😊
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