भारत में कर व्यवस्था का इतिहास

भारत में कर व्यवस्था का इतिहास | सरल भाषा में यात्रा

📜 भारत में कर व्यवस्था का इतिहास
एक लंबी यात्रा : प्राचीन से जीएसटी तक

🇮🇳 सरल भाषा में जानें — कौन से कर कब आए, क्यों आए, और अब क्या स्थिति है।

🏛️ 1. प्राचीन से औपनिवेशिक काल (करों की शुरुआत)

⚙️ 600 ईसा पूर्व – मौर्य काल

बलि & शुल्क: उपज का 1/6 भाग (बलि) और व्यापार कर। प्रारंभिक व्यवस्था का प्रमाण।

🕌 मुगल काल (16वीं शताब्दी)

अकबर ने जजिया (गैर-मुस्लिम कर) एवं जकात को केंद्रीय स्वरूप दिया।

🇬🇧 ब्रिटिश काल – नींव पड़ी

📅 1860 : पहली बार आयकर लगा (1857 के विद्रोह के बाद खजाना भरने हेतु)।
📅 1917 : हंटर कमीशन (जलियांवाला बाग जांच) ने आयकर को स्थायी बनाया।
📅 1922 : पहला व्यापक आयकर अधिनियम (Income Tax Act, 1922)।
📅 1944 : औद्योगिक उत्पादों पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) की शुरुआत।

🧠 2. कल्डोर का प्रयोग (1956–1970) : जन्म से मृत्यु तक टैक्स

🇮🇳 आज़ादी के बाद सी. डी. देशमुख ने अर्थशास्त्री निकोलस कल्डोर से सलाह ली। उन्होंने पाँच आयामी कर संरचना बनाई :

  • 💰 आयकर – कमाई पर टैक्स
  • 💸 व्यय कर – खर्च करने पर टैक्स
  • 🏠 वार्षिक संपत्ति कर – बचत और संपत्ति पर टैक्स
  • 🎁 उपहार कर – गिफ्ट देने पर टैक्स
  • ⚰️ संपदा कर – मृत्यु के बाद विरासत पर टैक्स

⚠️ परिणाम: अधिकतम सीमांत दर 97.75% तक पहुँच गई। लोगों ने टैक्स देना छोड़ दिया → कालाधन (Black Money) में भारी वृद्धि

🛠️ 3. सुधार की पहली कोशिश (1970–1990)

समिति/वर्षमुख्य सिफारिश / उपलब्धि
वांचू समिति (1971)टैक्स दरें अत्यधिक, लोगों का भरोसा कम। सिफारिश पर अधिकतम आयकर दर 97.75% → 77% की गई।
एल. के. झा समिति (1976-78)अप्रत्यक्ष करों पर केंद्रित। “टैक्स पर टैक्स” (Cascading Effect) रोकने हेतु MODVAT (Modified Value Added Tax) का सुझाव। 1986 में वी. पी. सिंह ने इसे लागू किया — यह GST का पहला स्वरूप था।
🗑️ समाप्तिउपहार कर (1982) और संपदा कर (1984) को समाप्त कर दिया गया।

💥 4. 1991 का बड़ा धमाका : चेलैया समिति और उदारीकरण

वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने राजा चेलैया (Raja Chelliah) की अध्यक्षता में समिति बनाई। मुख्य बदलाव:

  • 📉 दरें घटाई गईं: आयकर की ऊपरी दर 40% तक लाई गई (टैक्स चोरी कम करने के लिए)।
  • 🛎️ सेवा कर (Service Tax) की शुरुआत (1994): पहले सिर्फ सामान पर टैक्स, अब सेवाओं पर भी।
  • ⚙️ MODVAT का विस्तार पूरे विनिर्माण क्षेत्र में किया गया।

🎯 इसी दौर में भारत ने आर्थिक सुधार और नई कर प्रणाली की नींव रखी।

📌 5. आज के करों की तस्वीर : GST से लेकर अब तक

❌ हटा दिए गए प्रमुख कर (अब मौजूद नहीं)

कर का नामकब हटाया गया?अब क्या होता है?
व्यय कर (Expenditure Tax)1960 के दशक में ही हट गयाकल्डोर का प्रयोग विफल रहा।
उपहार कर (Gift Tax)1 अक्टूबर 1998 से पूर्ण समाप्तअब Gift पर रिसीवर को इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है।
संपदा कर (Estate Duty)1985 में समाप्तविरासत में मिली संपत्ति पर अब कोई टैक्स नहीं।
संपत्ति कर (Wealth Tax)वित्त वर्ष 2015-16 में पूर्णतः खत्मअब केवल कुछ विशेष मामलों (जैसे कंपनी) पर ही लागू।
फ्रिंज बेनिफिट टैक्स (FBT)2009 में हटाकर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर यह टैक्स था।
बैंकिंग कैश ट्रांजेक्शन टैक्स (BCTT)2009 में समाप्तबड़ी निकासी पर लगता था।

✅ वर्तमान कर व्यवस्था (प्रत्यक्ष + अप्रत्यक्ष)

📌 प्रत्यक्ष कर (Direct Tax)
  • आयकर – व्यक्तियों/बिजनेस की आय (5% से 30% स्लैब)
  • निगम कर – कंपनियों के मुनाफे पर (25% या 30%)
  • पूंजीगत लाभ कर – शेयर, प्रॉपर्टी, सोना बेचने पर मुनाफा
🔄 अप्रत्यक्ष कर – GST का दौर

1 जुलाई 2017 से पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू।
“एक देश, एक टैक्स, एक बाजार”

🔁 किन करों की जगह ले ली GST ने?

पुराने कर (बंद हो गए)नया कर (अब लागू)कौन लेता है?
केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, अतिरिक्त सीमा शुल्क (CVD)CGST (केंद्रीय जीएसटी)केंद्र सरकार
वैट (VAT), प्रवेश कर, विलासिता कर, मनोरंजन करSGST (राज्य जीएसटी)राज्य सरकारें
अंतर-राज्यीय विक्रय कर (CST)IGST (एकीकृत जीएसटी)केंद्र फिर राज्यों में बंटता है

🎯 परिणाम : Tax on Tax (Cascading) खत्म, आपूर्ति श्रृंखला सरल, राष्ट्रीय बाजार एकीकृत।

🧠 त्वरित ट्रिक (UGC NET / परीक्षा के लिए)

“कल्डोर से लेकर जीएसटी तक का सफर”

  • 📆 कल्डोर (1956) : जन्म से मृत्यु तक टैक्स (Wealth, Gift, Estate)
  • 📆 वांचू (1971) : दरें घटाओ, कालाधन रोको
  • 📆 झा (1976) : MODVAT लाया (GST का बाप)
  • 📆 चेलैया (1991) : सर्विस टैक्स लाया, दरें तेजी से घटाईं
  • 🇮🇳 1 जुलाई 2017 : GST डे – एक देश, एक टैक्स

💡 सरल शब्दों में : पहले हर चीज़ पर अलग-अलग टैक्स (वैट, एक्साइज़, सर्विस टैक्स) थे, जिससे महँगाई बढ़ती थी। जीएसटी ने सबको एक सूत्र में बांधकर देश को “एक बाजार (One Nation, One Tax)” बना दिया।

⏳ सारांश: प्राचीन बलि से लेकर 2025 की आधुनिक कर संरचना तक | शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा हेतु निर्मित

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