स्टॉक एक्सचेंज (BSE & NSE) से जुड़ी ऐतिहासिक बातें
📜 स्टॉक एक्सचेंज (BSE & NSE) से जुड़ी ऐतिहासिक बातें
बरगद के पेड़ से लेकर बोल्ट तक — भारतीय पूंजी बाजार की अद्भुत गाथा
स्टॉक एक्सचेंज का इतिहास बहुत ही रोचक और प्रेरणादायक है। यह एक बरगद के पेड़ के नीचे शुरू हुआ और आज दुनिया के सबसे तेज़ इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम तक पहुँच गया है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ और तथ्य दिए जा रहे हैं:
| Timeline | घटना |
|---|---|
| 1850 के दशक | मुंबई में 22 स्टॉक ब्रोकर्स ने टाउन हॉल के सामने एक बरगद के पेड़ के नीचे व्यापार करना शुरू किया . |
| 1860 | अमेरिकी गृह युद्ध के कारण कपास के व्यापार में तेजी आई, जिससे ब्रोकरेज हाउस स्थापित हुए . |
| 1874 | ब्रोकर्स का समूह स्थानांतरित होकर उस जगह पर आया जिसे आज दलाल स्ट्रीट के नाम से जाना जाता है . |
| 1875 | औपचारिक रूप से "द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन" का गठन हुआ, जिसे बाद में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) नाम दिया गया . |
| 1928 | दलाल स्ट्रीट पर वर्तमान BSE भवन के लिए जमीन अधिग्रहित की गई . |
| 1930 | BSE ने इस भवन से काम करना शुरू किया . |
| 1956 | BSE को भारत सरकार से स्थायी मान्यता प्राप्त करने वाला पहला स्टॉक एक्सचेंज बनने का गौरव प्राप्त हुआ . |
| 1980 | वर्तमान 28 मंजिला इमारत फिरोज जीजीभाई टावर्स तैयार हुई . |
| Year | Milestone |
|---|---|
| 1986 | सेंसेक्स (Sensitive Index) लॉन्च किया गया – यह भारत का सबसे पुराना स्टॉक इंडेक्स है . |
| 25 July 1990 | सेंसेक्स ने पहली बार 1,000 का आंकड़ा पार किया . |
| 15 Jan 1992 | मनमोहन सिंह की उदारीकरण नीतियों के चलते सेंसेक्स 2,000 के स्तर को पार कर गया . |
| 29 Feb 1992 | बजट के बाद सेंसेक्स 3,000 के पार पहुँच गया . |
| 30 Mar 1992 | 4,000 का स्तर छुआ, लेकिन उसके तुरंत बाद हर्षद मेहता घोटाले ने बाजार को हिलाकर रख दिया . |
| 8 Oct 1999 | भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के बनने से सेंसेक्स 5,000 के पार पहुँचा . |
| 11 Feb 2000 | इंफोटेक बूम के चलते सेंसेक्स 6,000 के पार . |
| 20 June 2005 | अंबानी बंधुओं के बीच समझौते से सेंसेक्स ने 7,000 पार किया . |
| 8 Sep 2005 | 8,000 का आंकड़ा पार किया . |
| 21 Jan 2008 | ब्लैक मंडे: सेंसेक्स 1,408 अंक गिरकर 17,605 पर आ गया . |
| 17 May 2004 | कांग्रेस के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सेंसेक्स 15.52% गिर गया था . |
| 21 Jan 2021 | सेंसेक्स ने ऐतिहासिक 50,000 का आंकड़ा पार किया . |
| Timeline | घटना |
|---|---|
| 1991 | भारत सरकार ने फेरवानी समिति (Pherwani Committee) का गठन किया, जिसने एक राष्ट्रीय स्तर के इलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंज की सिफारिश की . |
| 1992 | हर्षद मेहता घोटाला सामने आया, जिसमें स्टॉक मार्केट में हेरफेर करके ₹5,000 करोड़ से अधिक का घोटाला किया गया। इससे पूरे सिस्टम में पारदर्शिता की कमी उजागर हुई . |
| 27 November 1992 | NSE को कंपनी के रूप में शामिल किया गया . |
| 1993 | SEBI द्वारा NSE को स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मान्यता दी गई . |
| 30 June 1994 | NSE ने होलसेल डेट मार्केट (WDM) से अपनी शुरुआत की . |
| 3 November 1994 | NSE ने अपने इक्विटी सेगमेंट की शुरुआत की . |
| 1995 | NSE ने पूरी तरह से ऑटोमेटेड स्क्रीन-बेस्ड ट्रेडिंग लॉन्च की (NEAT – National Exchange for Automated Trading) . |
| 1996 | निफ्टी 50 (NIFTY 50) इंडेक्स लॉन्च किया गया . |
| 1999 | NSE ने मैन्युअल ट्रेडिंग को पूरी तरह खत्म कर दिया और पूर्णतः इलेक्ट्रॉनिक होने वाला भारत का पहला एक्सचेंज बन गया . |
| 2000 | NSE ने डेरिवेटिव सेगमेंट (Futures & Options) की शुरुआत की – भारत में सबसे पहले . |
| 2023 | NSE ने T+1 सेटलमेंट साइकल लागू किया, जो दुनिया के सबसे तेज़ सेटलमेंट सिस्टम में से एक है . |
पहले के ज़माने में स्टॉक एक्सचेंज में ओपन आउटक्राई सिस्टम था। यानी ब्रोकर जोर-जोर से चिल्लाकर और हाथों के इशारों से शेयर खरीदते-बेचते थे। इसमें कई दिक्कतें थीं :
| पुराना सिस्टम (पहले) | नया सिस्टम (अब) |
|---|---|
| चिल्लाकर ट्रेडिंग (Open Outcry) | इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन-बेस्ड ट्रेडिंग |
| डिलीवरी में 2-3 महीने लग जाते थे | T+1 सेटलमेंट (अगले दिन) |
| नकली शेयर सर्टिफिकेट का खतरा | डीमैट (डिजिटल) फॉर्म |
| सीमित ब्रोकर (मुख्य ब्रोकर + 5-6 सब-ब्रोकर) | कोई भी योग्य व्यक्ति ट्रेड कर सकता है |
NSE ने यह क्रांति ला दी। उसने VSAT (Very Small Aperture Terminal) सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया, जिससे देश के दूरदराज के इलाकों में भी लोग रियल टाइम ट्रेडिंग कर सकते थे . BSE ने 1995 में BOLT (BSE OnLine Trading) सिस्टम लॉन्च किया, जो पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक था .
| Event | Trick / One-liner |
|---|---|
| BSE स्थापना | "BSE – Banyan tree (1875)" – याद रखें, बीएसई पेड़ के नीचे शुरू हुआ था . |
| BSE को Permanent Recognition | "1956 – BSE को पहली बार सरकार से स्थायी मान्यता मिली" . |
| सेंसेक्स लॉन्च | "Sensex – 1986 में आया, 30 कंपनियां लेकर आया" . |
| NSE स्थापना | "NSE – 1992 में कंपनी बनी, 1994 में ट्रेडिंग शुरू की" . |
| इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग शुरू | "1995 – BSE ने BOLT लॉन्च किया, NSE पहले से ही electronic था" . |
| हर्षद मेहता स्कैम | "1992 – शेयर बाजार का सबसे बड़ा स्कैम, जिसके बाद NSE की नींव पड़ी" . |
अंतिम ट्रिक:
"1875 में पेड़ के नीचे BSE जन्मा, 1986 में Sensex ने संभाला; 1992 में मेहता ने मचाया शोर, तब NSE ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग से बदला पूरा ज़ोर" 😊
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें