1991 से पहले की महत्वपूर्ण बैंकिंग समितियाँ

1991 से पहले की महत्वपूर्ण बैंकिंग समितियाँ | UGC NET अध्ययन सामग्री

📜 1991 से पहले की महत्वपूर्ण बैंकिंग समितियाँ (Pre-1991 Banking Committees)

भारतीय बैंकिंग ढाँचे की नींव – UGC NET परीक्षा हेतु संपूर्ण सन्दर्भ
🇮🇳 1991 के आर्थिक सुधारों से पहले भी भारत में बैंकिंग क्षेत्र को संरचना और दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण समितियाँ बनी थीं। यहाँ UGC NET परीक्षा के दृष्टिकोण से सभी महत्वपूर्ण समितियों का विवरण दिया जा रहा है।

🏛️ प्रारंभिक समितियाँ (Colonial Era & 1950s)

1. हिल्टन यंग आयोग (Hilton Young Commission) 1926
पूरा नामRoyal Commission on Indian Currency and Finance
अध्यक्षसर एडवर्ड हिल्टन यंग
उद्देश्यभारत की मुद्रा एवं वित्तीय प्रणाली की समीक्षा
प्रमुख सिफारिशें
  • भारत के लिए एक केंद्रीय बैंक (RBI) की स्थापना की सिफारिश
  • रुपये को स्टर्लिंग से डी-लिंक करना
  • भारत को एक स्वतंत्र मुद्रा प्राधिकरण देने की सिफारिश
महत्वइस समिति की सिफारिशों के परिणामस्वरूप 1935 में RBI की स्थापना हुई।
2. सेंट्रल बैंकिंग एन्क्वायरी कमेटी1931
उद्देश्यबैंकिंग प्रणाली के विभिन्न पहलुओं की जाँच
प्रमुख सिफारिशें
  • बैंकिंग प्रणाली में सुधार हेतु सुझाव
  • ग्रामीण ऋण संरचना पर विचार
3. बैंकिंग इन्क्वायरी कमेटी (सेंट्रली एडमिनिस्टर्ड एरियाज़)1930
क्षेत्रकेंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली, अजमेर-मेरवाड़ा आदि)
महत्वऔपनिवेशिक काल में बैंकिंग प्रणाली के क्षेत्रीय अध्ययन हेतु महत्वपूर्ण समिति।

🌾 ग्रामीण एवं कृषि ऋण समितियाँ

4. ऑल-इंडिया रूरल क्रेडिट सर्वे कमेटी (गोरवाला समिति)1951
अध्यक्षए. डी. गोरवाला (A. D. Gorwala)
प्रसिद्धिगोरवाला समिति (Gorwala Committee) के नाम से प्रसिद्ध
प्रमुख सिफारिशें
  • राज्य सहकारी बैंकों और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को मजबूत करना
  • कृषि ऋण में राष्ट्रीयकृत बैंकों की भूमिका बढ़ाना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं का विस्तार
महत्वइस समिति की सिफारिशों पर 1955 में इम्पीरियल बैंक का SBI में रूपांतरण किया गया।
5. ऑल-इंडिया रूरल क्रेडिट रिव्यू कमेटी1969
अध्यक्षबी. वेंकटप्पैया (B. Venkatappiah)
प्रमुख सिफारिशें
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) की स्थापना का सुझाव
  • कृषि ऋण के वितरण में सुधार
  • सहकारी बैंकों को मजबूत करने के उपाय
6. CRAFICARD समिति (शिवरामन समिति)1981
पूरा नामCommittee on Review of Arrangements for Institutional Credit for Agriculture and Rural Development
अध्यक्षबी. शिवरामन (B. Sivaraman)
प्रमुख सिफारिशें
  • NABARD (National Bank for Agriculture and Rural Development) की स्थापना की सिफारिश
  • कृषि ऋण के लिए एक एकीकृत ढाँचा तैयार करना
महत्वइस समिति की सिफारिश पर 1982 में NABARD की स्थापना हुई।

🏦 बैंकिंग संरचना एवं कार्यप्रणाली समितियाँ

7. बैंकिंग आयोग (सरैया समिति)1972
अध्यक्षआर. जी. सरैया (R. G. Saraiya)
प्रमुख सिफारिशें
  • बैंकिंग प्रणाली में एकीकरण और समन्वय बढ़ाना
  • शाखा विस्तार नीति में सुधार
  • बैंकों के प्रशासनिक ढाँचे में बदलाव
8. बैंकिंग सांख्यिकी पर कार्य समूह (रामन समिति)1968
अध्यक्षए. रामान (A. Raman)
महत्वबैंकिंग आँकड़ों के मानकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
9. कैश क्रेडिट सिस्टम की समीक्षा हेतु अध्ययन समूह (तंदन समिति)1974
अध्यक्षप्रकाश तंदन (Prakash Tandon), चेयरमैन, पंजाब नेशनल बैंक
प्रसिद्धितंदन समिति (Tandon Committee) – सबसे प्रसिद्ध समितियों में से एक
पृष्ठभूमि1970 के दशक की शुरुआत में बढ़ती महँगाई, स्थिर औद्योगिक उत्पादन, और बैंक संसाधनों पर दबाव। 1969 में राष्ट्रीयकरण के बाद भी कैश क्रेडिट प्रणाली बड़े उद्योगों को प्राथमिकता दे रही थी।
प्रमुख सिफारिशें
  • MPBF (Maximum Permissible Bank Finance) – बैंक 75% कार्यशील पूर्ति गैप का वित्तपोषण करें, शेष 25% उधारकर्ता लंबी अवधि के स्रोतों से लाए।
  • तीन विधियाँ (Method 1, 2, 3) – MPBF निर्धारण के तरीके।
  • इन्वेंटरी और रिसीवेबल्स के लिए उद्योग-विशिष्ट मानदंड।
  • बिफोर्केटेड क्रेडिट लिमिट्स (लोन कंपोनेंट + डिमांड कैश क्रेडिट कंपोनेंट)।
  • त्रैमासिक बजटिंग और निगरानी अनिवार्य।
MPBF के तीन तरीके
  • विधि 1: (चालू परिसंपत्तियाँ – चालू देनदारियाँ (बैंक उधार छोड़कर)) × 75%
  • विधि 2: (चालू परिसंपत्तियाँ – 25%) – चालू देनदारियाँ
  • विधि 3: (चालू परिसंपत्तियाँ – कोर करंट एसेट्स – 25%) – चालू देनदारियाँ (सबसे सख्त)
महत्वRBI ने तंदन समिति की सिफारिशों को पूर्णतः स्वीकार किया और 1976 में लागू किया। यह समिति भारत में कार्यशील पूर्ति वित्तपोषण की आधारशिला है।
10. क्रेडिट ऑथराइजेशन स्कीम की समीक्षा हेतु समिति (मराठे समिति)1988
अध्यक्षएस. एस. मराठे (S. S. Marathe)
प्रमुख सिफारिशें
  • ₹2 करोड़ से अधिक के ऋण के लिए RBI से पूर्व अनुमति की आवश्यकता को समाप्त करना
  • बैंकों को अधिक ऋण निर्णय शक्ति देना
11. चोर समिति (Chore Committee)1988
अध्यक्षके. बी. चोर (K. B. Chore)
प्रमुख सिफारिशें
  • ₹25 लाख से अधिक के बोरोअर्स के लिए त्रैमासिक स्टॉक स्टेटमेंट अनिवार्य
  • बैंकों को पीरियोडिक रिव्यू का निर्देश
12. सुखमय चक्रवर्ती समिति (Sukhamoy Chakravarty Committee)1985
अध्यक्षप्रो. सुखमय चक्रवर्ती
प्रमुख सिफारिशें
  • मौद्रिक नीति में सूचक-आधारित दृष्टिकोण (multiple indicator approach) की शुरुआत
  • मुद्रास्फीति नियंत्रण हेतु रेपो रेट जैसे बाजार-आधारित उपकरणों का सुझाव
13. वाघुल समिति (Vaghul Committee)1987
अध्यक्षएन. वाघुल (N. Vaghul)
प्रमुख सिफारिशें
  • ट्रेजरी बिल (T-Bills) के लिए नीलामी प्रणाली की शुरुआत
  • कमर्शियल पेपर (Commercial Paper) जैसे नए अल्पकालिक साधनों को बढ़ावा
14. रंगराजन समिति (Rangarajan Committee)1989
अध्यक्षडॉ. सी. रंगराजन (C. Rangarajan)
प्रमुख सिफारिशें
  • बैंकों में ब्रांच लेवल कंप्यूटराइजेशन की सिफारिश
  • MIS (Management Information System) को मजबूत करना
15. घोष समिति (Ghosh Committee)1985
अध्यक्षए. घोष (A. Ghosh)
प्रमुख सिफारिशें
  • बैंकों के लिए लेखा मानकों (Accounting Standards) में सुधार
  • प्रावधानीकरण (Provisioning) मानदंडों को सख्त बनाना

📊 संक्षिप्त सारांश तालिका (UGC NET के लिए)

समिति का नामवर्षअध्यक्षमुख्य विषय
हिल्टन यंग आयोग1926सर एडवर्ड हिल्टन यंगRBI की स्थापना की सिफारिश
गोरवाला समिति1951ए. डी. गोरवालाग्रामीण ऋण प्रणाली (Rural Credit Survey)
रामन समिति1968ए. रामानबैंकिंग सांख्यिकी
वेंकटप्पैया समिति1969बी. वेंकटप्पैयाग्रामीण ऋण पुनः समीक्षा, RRB की सिफारिश
सरैया समिति1972आर. जी. सरैयाबैंकिंग ढाँचा और प्रशासन
तंदन समिति1974प्रकाश तंदनकैश क्रेडिट प्रणाली (MPBF, 3 Methods)
शिवरामन समिति (CRAFICARD)1981बी. शिवरामनकृषि ऋण, NABARD की स्थापना
चक्रवर्ती समिति1985प्रो. सुखमय चक्रवर्तीमौद्रिक प्रणाली की समीक्षा
घोष समिति1985ए. घोषबैंकों के वित्तीय विवरण
वाघुल समिति1987एन. वाघुलमुद्रा बाजार का विकास
मराठे समिति1988एस. एस. मराठेक्रेडिट ऑथराइजेशन स्कीम
चोर समिति1988के. बी. चोरकैश क्रेडिट (तंदन समिति के बाद)
रंगराजन समिति1989डॉ. सी. रंगराजनबैंकों में कंप्यूटरीकरण

🧠 परीक्षा के लिए ट्रिक्स (Exam Tricks)

✅ सबसे महत्वपूर्ण प्री-1991 समितियाँ "TCR – तंदन, चोर, रंगराजन"
✅ तंदन समिति के 3 MPBF Methods: Method 1 ढीला, Method 2 मध्यम, Method 3 सख्त
✅ ग्रामीण ऋण समितियाँ "GVS – Gorwala (1951), Venkatappaih (1969), Sivaraman (1981)"
✅ RBI की स्थापना: 1926 Hilton Young ने रखी नींव, 1935 में RBI हुआ तैयार
✅ 1972 बैंकिंग आयोग: Saraiya ने बैंकिंग का ढाँचा बदला, विलय और प्रशासन संवारा

✨ अंतिम ट्रिक:
"1926 Hilton Young, 1951 Gorwala ने रचा ग्रामीण ऋण का इतिहास; 1974 Tandon ने MPBF का सूत्र दिया, 1981 Sivaraman ने NABARD को जन्म दिया" 😊

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